यादो का बसेरा
जब हम आये थे
किसे पता था कहाँ जायेंगे |
चलते हुए इन रास्तो पे
नहीं सोचा था तुमसे मिल पाएंगे |
जब मिले थे तुमसे
सोचा भी न था इतना घुल मिल जायेंगे |
जब भी न आएगा पैगाम तुम्हारा
ये आंसू चालक छलक जायेंगे |
याद है तुम्हे हँसाने के लिए
कुछ अजीबो-गरीब कर जाते थे |
और तुम भी जो पागल थे
हमारी हरकतों पे मुस्कुराते थे |
पहले तुम्हारे गुस्से को हम मजाक बनाते थे
तुम्हे चिढाके हम मज़ा उठाते थे |
फिर तुम हमारे पीछे दौड़े चले आते थे
और तुम्हे थका हुआ देख हम खुद ही रुक जाते थे |
पहले खुशियों में यूँ झूम उठता था दिल
क्यूंकि हम तुम्हे साथ पाते थे |
और जब भी थे गम में डूबे
हमेशा आस पास तुम्हे पाते थे |
वो आंटी के हाथ की रोटी
हम सब मिल-बाँट के खाते थे |
हमने ज्यादा खा लिया
तो तुम मुंह फुलाए चले जाते थे |
मम्मी को जाके घर में कहते माँ कल से दो टीफीन देना
मेरे दोस्त सब खा जाते है |
दो टीफीन भी कम पड़ता था
क्यूंकि पांच दोस्त और आ जाते थे |
अगर कोई आँख उठाये
तो सब आगे आ जाते थे |
और अकेले में मस्ती में
एक दुसरे की आँखे नोच जाते थे |
यादो में आज भी वो सारे पल जिंदा है
सब कुछ वही है बस तुम्हारी ही कमी है |
तुम्हे कैसे बताऊ कि क्या मेरा हाल है
ये सब कुछ लिखते वक़्त बस आँखों में नमी है |
कुछ दूर चला जाऊं भी तो
तुम्हे भूल न पाउँगा |
ज़िन्दगी भर इन पलों को याद कर
मन ही मन मुस्कुराऊंगा |
........मन ही मन मुस्कुराऊंगा
........तुम्हारी यादो में खो जाऊंगा
........हलकी सी आँखे भी गीली कर जाऊंगा
........फिर भी मुस्कुराऊंगा
.........मन ही मन मुस्कुराऊंगा
-C R K-
In the loving memories of all my friends
those days were just amazing part of my life
THANKS A LOT
to my dear friends
for being a part of my life
LOVE U ALL

